April 19, 2025

अयोध्या-रूदौली:पंचायत चुनाव में इस बार युवा नेताओं का बोलबाला

images (15)7364403893758079112..jpg

पंचायत चुनाव में इस बार युवा नेताओं का बोलबाला है।

शाहफहेद शेख

रूदौली(अयोध्या) ग्रामीण इलाको के युवाओं में राजनीति के प्रति क्रेज बढ़ा है प्रत्येक ग्राम में 6 से 7 जन प्रतिनिधी बनने के मैदान में डट गये है। जिला पंचायत सदस्य,प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद की दावेदारी ठोक रहे है। प्रधानो की बढ़ी सम्पत्ति व ठाटबाट देख भविष्य सियासत के जरिए सवांरने का सपना देख रहे है।

प्रदेश के सभी ग्राम प्रधानों का वित्तीय अधिकार 25 दिसम्बर को समाप्त करने सम्बंधित आदेश 23 दिसम्बर को पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने जारी कर दिया था।
जिसके बाद अधिकतर ग्राम पंचायतो में चुनावी माहौल गरमा गया है।
ग्रामीण इलाको में आर्थिक रूप से सम्पन्न घरानों के नौजवान इस बार चुनाव लड़ने के लिए सक्रिय हो गए हैं वे गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग्स लगवाकर प्रचार शुरू कर दिया है। शादी,तिलक समारोह से लेकर अन्य समारोह में दल बल के साथ पहुंच रहे है।जरूरत पड़ने पर हर सम्भव के सहयोग भी देने में लगे हुए है,ताकि उसके बदले में वोट पा सके। गांव व आसपास कस्बे में स्वरोज़गार व शारीरक गतिविधियां संचालित करने वाले नौजवान चुनाव लड़ने के लिए ज्यादा मन बना रहे है। वे राजनीति में भी अपनी धाक बना जमाना चाहते है। खासबात यह है कि स्नातक,परास्नातक के साथ ही तमाम कम पढ़े लिखे नौजवान भी सियासत के लिए आगे आ रहे है। युवाओं की टोलियां बनाकर सियासी लोकप्रियता के लिए सामाजिक कार्य भी करने में जुट गये है। वोटरो को लुभाने के लिए हर एक प्रयास कर रहे है जिससे उनको वोट मिल सके।
आगे बढने की पहली सीढ़ी मान रहे हे पंचायत चुनाव:
गांव के युवाओं का कहना है कि पंचायत चुनाव आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी मानी जाती है। प्रधानी का कार्यकाल काम करने का तौर तरीका सिखाता है । विधायक से लेकर अन्य बड़े ओहदों पर विराजमान कई माननीयों ने कैरियर की शुरूआत प्रधानी सी ही की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Discover more from KKC News Network

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading